आकाशवाणी लखनऊ के 89 वर्ष: "जब स्मार्टफोन नहीं थे, तब आकाशवाणी ही दुनिया की आवाज था" — सीएम योगी
Akashvani was the voice of the world" — CM Yogi
मुख्यमंत्री योगी ने आकाशवाणी के 89वें स्थापना दिवस पर की प्रशंसा।
आकाशवाणी को जनविश्वास और आस्था का सशक्त माध्यम बताया।
पद्म पुरस्कार विजेताओं और वरिष्ठ प्रसारकों को सम्मानित किया गया।
लखनऊ। Akashvani was the voice of the world" — CM Yogi, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब स्मार्टफोन व टेलीविजन नहीं थे और लैंडलाइन फोन गिने-चुने थे, तब देश ही नहीं दुनिया की बात आकाशवाणी बता रहा था। बदलते दौर में आकाशवाणी के समक्ष भी चुनौतियां बढ़ीं है।
गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स सभागार में आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने सबसे पहली आवाज अगर कोई सुनी थी तो वो आकाशवाणी की थी।
आकाशवाणी ने हिंदी की उपभाषाओं, बोलियों, भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली और कुमाऊनी को भी स्थानय लोगों में लोकप्रिय बना दिया। 1924 के कांग्रेस अधिवेशन में वंदेमातरम का विरोध किया गया, 1937 में कांग्रेस ने फिर तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए, उसके अगले ही वर्ष 1938 में आकाशवाणी लखनऊ से सबसे पहले वंदेमातरम की मधुर ध्वनि प्रसारित हुई।
देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक आंदोलन श्रीराम जन्मभूमि की भी आवाज बना। मंदिर पुनर्प्रतिष्ठा समारोह में जनता से संवाद कार्यक्रम आकाशवाणी केंद्र से प्रसारित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात करने के लिए आकाशवाणी को ही चुना।
99 वर्ष के यज्ञदेव पंडित का स्मरण रखना अनुकरणीय है। यह सम्मान प्रदेश की 25 करोड़ जनता का सम्मान है। आकाशवाणी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने स्वागत, महानिदेशक राजीव जैन ने आभार ज्ञापन करते हुए कहा, आकाशवाणी अब स्मार्टफोन से अधिक स्मार्ट बनेगा।
संचालन दूरदर्शन के निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र ने किया। यहां पर महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी आदि मौजूद रहे।
पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पंडित हृदय नारायण दीक्षित (उनके पुत्रों अरुण दीक्षित व दिलीप दीक्षित ने ग्रहण किया), प्रो. सोनिया नित्यानंद (कुलपति केजीएमयू), मालिनी अवस्थी (लोकगायिका), अरुणिमा सिन्हा (दिव्यांग पर्वतारोही), डा. अनिल रस्तोगी (रंगमंच), रामशरण वर्मा (प्रगतिशील किसान), डा. सुनील प्रधान (चिकित्सक), डा. राजेंद्र प्रसाद, डा. केके ठकराल, प्रो. नवजीवन रस्तोगी, प्रो. शादाब मोहम्मद, सुधा सिंह (खेल), एसएस सरकार (पुरस्कार प्रमोद मिश्र ने प्राप्त किया) को सम्मानित किया।
आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारक भी सम्मानित
सीएम ने आकाशवाणी केंद्र को ऊंचाई देने वाले वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों सुशील राबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पंडित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, भोलानाथ, केवल कुमार को सम्मानित किला।
'ताकि शाम की रोटी बची रहे'
मुख्यमंत्री ने पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी को सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा, 'अवनीश अवस्थी अक्सर कार्यक्रमों में नहीं जाते हैं, लेकिन यहां इसलिए आए क्योंकि धर्मपत्नी को सम्मान मिलने पर ताली बजा सकें, इससे शाम की रोटी बची रहेगी।' उन्होंने लेखक हृदय नारायण की दिनचर्या बदलने में योगदान देने का उल्लेख भी किया।